Janta Curfew in ckp(chakradharpur)

यह कहना गलत नही होगा अगर हम कहे कि एकता,सजगता और संयम से हम एक दुसरे को बेहतर बना सकते है। एक साधारण इंसान अगर अनुशासन का सही तरह से पालन करता है तो वह अपने आप में हि बेहतर होता है, एसे लोग अगर किसी कि मद्द न भी कर पाए तो भी वे किसी के लिए मुसीबत का करण नही बनते है; और इसे एक तरह कि मद्द भी कह सकते है।

आज एसी ही एकता पुरे देश भर मे देखने को मीली 130 करोड़ के देश मे लगभग हर राज्य मे लोग जनता निषेधाज्ञा(curfew) का पुरी  तरह से पालन करने मे सफल रहे। ऐसा हि असर हमारे देश के एक छोटे से राज्य के नगर चक्रधरपुर मे भी देखने को मीला चक्रधरपुर के लोग अपने बेहतर संयम का परिचय देते हुए घर से बहार नही निकले। सारी दुकाने बंद रखा। इक्के दुक्के लोग ट्रेन से सफर करके आ रहे थे, वे ही सड़क पर नजर आ रहे थे। पेट्रोल पंप से ले कर मेडिकल तक सभी बंद पड़े थे यहां तक कि नगरपालिका भी। केवल कुछ असपताल और मेडिकल  खुले थे, ता कि अगर आपातकाल कि स्थिती हो तो उस्से निपटा जा सके। चक्रधरपुर पुलीस स्थति पर नजर बनाए हुए थी और गस्त लगा रही थी।

अगर कहा जाए तो अपने परिवार को एकजुट रखने और अपने नगर और नगरवासियो के प्रति एक बेहतर कदम है। इंसानो कि ये छोटी छोटी कदम ही उनके राज्य से ले कर देश तक को बेहतर बन्नाने में मद्द करती है, और चक्रधरपुर के लोगो ने इसका बेहतर परिचय दिया है। एसी सोच के साथ भविष्य मे हम किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार रहेगे और यह उस दिशा मे एक बेहतर कदम है।
आखिर मे प्रधानमंत्री के आग्रह अनुसार सबने थाली बजाकर घंटी बजाकर उनकि मद्द कि प्रथना भी कि जो लोग कोरोना वायरस से जुझ लोगो कि मद्द मे लगे है। लोगो कि श्रद्धा और कुशलता इतनी थी कि वे 15 मीनट तक बजाते रहे।

राज्य कि राजधानी राॅची मे भी बंद का असर रहा सड़को पर सन्नाटा पसरी हुई थी और लगातार घर से न निकलने की अपील कि जा रही थी। देश कि राजधानी दिल्ली मे भी प्रधानमंत्री मोदी के अपील का असर देखने को मीला लोगो ने इसका पालन किया। अगर दिल्ली पुलीस कि बात करे तो उनकि जीतनी प्रसंसा कि जाए वह कम है, जो भी इक्के दुक्के लोग सड़को पर दिखे दिल्ली पुलीस उनसे फुल दे कर अपील की वे अपने घर से न निकलें और अपने परिवार को भी न निकलने दे।

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